Friday, October 19

water fall

मलञ्झ्कुदुम झरना कांकेर

Bastar Band, Place to Visit, water fall
मलञ्झ्कुदुम झरना कांकेर की प्रमुख झरना है। कांकेर जिला छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित है। यह पहले पुराने बस्तर जिले का एक हिस्सा है। पांच नदिया जिले कि प्रवाह के माध्य से गुजरती हैं। ये पांच नदिया महानदी नदी, तुरु नदी, सिन्दुर नदी, दूध नदी और हतकुल नदी हैं। जिले की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है और क्षेत्र की मुख्य फसल चावल है। क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण फसलें हैं - गन्ना, भुट्टा, चना, कोदो, मूंग, तिल्ली और गेहूं हैं। मलञ्झ्कुदुम झरना, छत्तीसगढ़ मे प्राचीन काल से एक सबसे खूबसूरत झरना रहा है। इस खूबसूरत झरना का एक बड़ा पैमाने है भीड़ खिचना और सदियों से पर्यटकों को आकर्षित करना। मलञ्झ्कुदुम झरना, जब उचाई से हवा का सीना फाड़ते हुए जमीन पर गिरता है वह बहोत ही देखनी होता है। इसकी ऊंचाई 10 मीटर से 15 मीटर और चौड़ाई 9 मीटर की हैं। भारत में कांकेर के मलञ्झ्कुदुम झरना दूध नदी पर कांकेर से
Chitradhara waterfall

Chitradhara waterfall

Place to Visit, water fall
Chitradhara waterfall is one of the greatest attractions of the area of Bastar in Chhattisgarh. Having located in a very harmonious village called Potanar, Chitradhara waterfalls draws in a huge number of voyagers from all over India throughout the year. The Lohandiguda area of Chhattisgarh that comes under the range of Jagdalpur is the area where Chitradhara waterfall exists with its incredible beautiful features.Chitradhara waterfall takes the form of a horseshoe and streams at an exciting pace and dives down in steps and stages through the stunning scene. Since the village of Potanar is an interesting and remote place, the splashing sound of the waterfall brings an awesome surrounding contrast. The soothing speed with which the water of Chitradhara goes down makes the tourists feel an
Chitrakoot Falls

Chitrakoot Falls

Bastar Band, Place to Visit, water fall
Chitrakoot waterfall is the largest waterfalls in India and also may be the widest waterfalls in Asia, so it is popularly called as the Niagara falls of India. The wideness of the waterfall depends on the water level in the river Indrabati. And season to season it varies drastically, as in summer the span of the Chitrakoot waterfall is minimum, but during monsoon, the water level of the river Indrabati touches the both banks and the waterfall also formed the widest, nearly 150 m in wide. And the waterfalls look like wild in nature . Chitrakoot waterfall is the largest waterfall in India. And the nature of the falls varies season by season.
पुलपाड़ ईंदुल  जलप्रपात

पुलपाड़ ईंदुल जलप्रपात

Place to Visit, water fall
दंतेवाडा अथवा दांतेवाडा छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित एक नगर है जो दांतेवाडा का मुख्यालय है दंतेवाडा अपनी लोह की खदानों के लिए पुरे विश्व में जाना जाता है इन खदानों से पुरे विश्व में निकले जाने वाले लोहे का 68% भाग निकला जाता है यहाँ मिले शिलालेखो के अनुसार इसका नाम तरला पल और दन्तावली था बाद में यह दंतेवाडा हो गया दंतेवाडा में दंतेश्वरी मंदिर है जो भारत के प्रमुख शक्ति पीठो में से एक है स्थानीय निवासियों में इनके प्रति बहुत श्रध्दा है वह पूजा करने प्रतिदिन जाते है शंखनी नदी और डंकिनी नदी के संगम स्थल पर इस शक्तिपीठ का निर्माण  दक्षिण भारतीय शैली में किया गया है दंतेवाडा में शक्तिपीठ के दर्शन के बाद भैरो बाबा का दर्शन किया जा सकता है पुलपाड़ ईंदुल जलप्रपात छत्तीसगढ़ राज्य के खुबसूरत पर्यटन स्थलों में गिना जाता है यह प्रपात बैलाडीला से पहले दंतेवाडा जिला मुख्यालय से सुकमा मार्ग पर नकुल नार के
saptdhara Waterfalls

saptdhara Waterfalls

Place to Visit, water fall
सप्तधारा जलप्रपात छत्तीसगढ़ राज्य  के दंतेवाड़ा में इंद्रावती नदी पर स्थित है। यह स्थान छत्तीसगढ़ का अत्यंत रमणीय पर्यटन स्थल है।यह जलप्रपात बोधघाट पहाड़ी से गिरते हुए क्रमश: 'बोधधारा', 'कपिलधारा', 'पाण्डवधारा', 'कृष्णधारा', 'शिवधारा', 'बाणधारा' और 'शिवार्चनधारा' नामक सात धाराओं का निर्माण करता है। सघन वन में स्थित होने के कारण सप्तधारा जलप्रपात की रमणीयता और भी बढ़ जाती है।इन्द्रावती नदी पर स्थित यह प्रपात सात धाराओं के रूप में नीचे गिरता है। यह जगदलपुर से 68 किलोमीटर दूर बारसूर नगरी से सात किलोमीटर के अन्तराल में अवस्थित है। यह भेड़ाघाट की तरह दर्शनीय है।जलप्रपात छत्तीसगढ़ राज्य में दंतेवाड़ा के बारसूर से 6 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। वह स्थान जहाँ ।इन्द्रावती नदी सात भागों में विभाजित होती हैं, एक छोटा-सा जलप्रपात सातधारा के रूप में निर्मित होता हैं।यह एक शांत पिकनिक स्थल है, जहाँ का प्
kanger Dhara

kanger Dhara

Place to Visit, water fall
  कांगेर धारा छत्तीसगढ़ प्रदेश के जगदलपुर जिले में  कांगेर घाटी राष्ट्रीयन उद्यान में स्थित है कांगेर धारा की ऊंचाई 20 फुट है कांगेर घाटी से होकर गुजरने वाली इस जलप्रपात का पानी स्वच्छ रहता है कांगेर नदी के 'भैसादरहा' नामक स्थान पर मगरमच्छ प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं। यह जलप्रपात 'कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान', जगदलपुर से 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कांगेर धारा जलप्रपात तक पहुँचने के लिए उद्यान के द्वार पर स्थित 'ज़िला वन कार्यालय' की अनुमति और टिकट लेना होता है। कांगेर घाटी की गोद में होने के नाते इस जलप्रपात की धारा वास्तव में लहराती हुई चट्टानों के बीच कांगेर नदी से निकलती है। भूवैज्ञानिक मानते हैं कि यह इलाका तलछटी भूभाग था, जिसमें आगे चलकर जलती हुई चट्टाने आ गईं, जिसकी वजह से इलाका टेढ़ी-मेढ़ी आकृति का हो गया।
Toyar Nala Waterfall

Toyar Nala Waterfall

Place to Visit, water fall
The Toyer Nala Waterfall is located in Katekalyan towards Darbha road (Jagdalpur to Dantewada from darbha road via Katekalyan). The Toyer Nala Waterfall forms a horse shoe shape providing a stunning landscape. The Toyer Nala Waterfall is divided into two parts, the upper part has a height of 7-10 feet with a gentle slope of 10-15 degrees and the lower part has a height of 30-35 feet with a moderate slope of 30-40 degrees. The Toyer Nala Waterfall is surrounded with a lush green surrounding and eye catchy places. The interesting part is that the Toyer Nala Waterfall forms its best during the rainy seasons. The water collected from the rains, continuously flows through the hill thus making it an eye catchy waterfall. The Toyer Nala Waterfall is surrounded by lush green forest on both its...
मंडवा जल प्रपात

मंडवा जल प्रपात

water fall
छत्तीसगढ़ में शायद ही ऐसी कोई जगह होगी ....जिसे प्रकृति का ऐसा वरदान मिला होगा......हम चीजों को खोजते जितना हैं, कभी कभी वह हमारे लिए उतनी ही रहस्यमयी होती जाती हैं!! बस्तर तो जैसे इन रहस्यों का अथाह सागर है!! गीदम मार्ग पर जगदलपुर से केवल इकत्तीस किलोमीटर आगे ग्राम माव्लिभाटा के ५ किलोमीटर अंदर जाने पर आता है ग्राम मंडवा जहां स्थित है यह प्रकृति का अनुपम सौंदर्य जिसे हम "मंडवा जल प्रपात" के नाम से जानते हैं !! चित्रधारा के बाद संभागीय मुख्यालय के सबसे नजदीक स्थित यह प्रपात पर्यटकों का नया आकर्षण है मंडवा झरना जगदलपुर से 31 किमी दूर मंडवा नामक स्‍थान पर है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग 16 (जगदलपुर-गीडम सड़क) पर स्थित है। मंडवा में, पानी की धारा 70 फीट की ऊंचाई से सीढ़ी नुमा ढलान से गिरती है, जो एक झरने का रूप लेती है, उसे ही मंडवा जल प्रपात कहते हैं। इस झरने से पानी एक छोटे जलाशय में जाकर इकट्
तमारा घुमर झरना की  भव्य प्राकृतिक सुन्दरता

तमारा घुमर झरना की भव्य प्राकृतिक सुन्दरता

Bastar Band, Place to Visit, water fall
तमारा घूमर फॉल्स एक  प्राकृतिक और खूबसूरत झरना है,जो चित्रकूट के नजदीक एक प्राकृतिक स्थान है। इस खूबसूरत जंगली भूमि, गहरी घाटियों और शानदार पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता इस जगह की सुंदरता को बढाती है और पर्यटकों की ओर आकर्षित करती है। यह एक हाल ही में खोज किया गया झरना 100 फीट से अधिक की ऊंचाई है तमारा घूमर झरना जगदलपुर से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित है।  इस झरने के दोनों तरफ हरे मैदान हैं चित्रकूट और तिरथगढ़ झरने की तरह है। झरने के आसपास के क्षेत्र प्राकृतिक आकर्षणों में समृद्ध है और इस जगह की खोज करने का सबसे अच्छा तरीका ट्रैकिंग या लॉन्ग ड्राइव किया जा सकता है।रायपुर बस्तर की खोज करने के लिए सबसे सुविधाजनक स्थान है क्योंकि यह आसानी से दिल्ली और नागपुर से रेल के साथ जुड़ा हुआ है। सभी स्थानों पर बस सेवाएं रायपुर से उपलब्ध हैं।बस्तर की सबसे निकटतम हवाई अड्डा रायपुर, जगदलपुर से 300 किमी
Chitrakote Falls

Chitrakote Falls

Bastar Band, Place to Visit, water fall
The Chitrakote Falls is a natural waterfall located to the west of Jagdalpur, in Bastar district in the Indian state of Chhattisgarh on the Indravati River. It is located at a distance of 38 kilometres to the west of Jagdalpur. Chhattisgarh, a state of India, has 27 administrative districts. Map Chhattisgarh state and ... Dantewada and Kanker districts were split from Bastar; Dhamtari District was split from Raipur; Janjgir-Champa and Korba districts were split from.