Tuesday, February 20

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धोकरा धातु कला  – छत्तीसगढ़ की 4000 साल पुरानी आदिवासी मूर्तिकला

धोकरा धातु कला – छत्तीसगढ़ की 4000 साल पुरानी आदिवासी मूर्तिकला

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धोकरा धातु कला छत्तीसगढ़ राज्य की एक लोकप्रिय मूर्तिकला है l मुख्यतः धोकरा धातु कला राज्य के बस्तर और रायगढ़ जिले में प्रचिलित है I धोकरा धातु कला का नाम वहाँ के आदिवासी समुदाय डामर के नाम पर पड़ा है l धोकरा कला 4000 वर्ष पुरानी भारतीय कला है जो आज भी निरंतर जारी है l इस कला का प्रमाण मोहेंन्जो दरो और हड़प्पा की सभ्यता के अध्यन में भी पाया गया है l भारत के अलावा धोकरा धातु कला का प्रमाण चीन , नाइजीरिया , इजिप्ट , मलेशिया और मध्य अमेरिका के इतहास में भी पाया गया है l धोकरा धातु कला में भ्रष्‍ट मोम (lost wax) , पीतल , कांस्य और ताम्बे की मिश्रित धातु का इस्तमाल किया जाता है l पिघले धातु की ढलाई से अक्रुतियां तैयार की जाती है l क्षेत्र के आदिवासी कलाकार धोकरा कला से विभिन्न प्रकार के आकृतिया बनाते है l जिसमे कई प्रकार के पशुओ की मुर्तिया , धातु की घंटिया और अन्य आकर्षित करने वाली आकृति